बिसखपरा
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिसखपरा संज्ञा पुं॰ [सं॰ बिप +खर्पर]
१. हाथ सवा हाथ लंबा गोह की जाति का एक विषैला सरीसृप जंतु । इसक काटा जीव तुरंत मर जाता है । इसकी जीभ रंगीन होती है जिसे यह थोड़ी थोड़ी देर पर निकाला करता है । देखने में यह बड़ी भारी छिपकली सा होता है ।
२. एक प्रकार की जंगली बूटी जिसकी पत्तियाँ बनगोभी की सी परंतु कुछ अधिक हरी और लंबी होती है । यह औषध में काम आती है । इसे 'बिसखपरी' भी कहते हैं ।
३. पुनर्नवा । पथरचटा । गदहपूरना ।