बिसहर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिसहर पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ विपधर, प्रा॰ बिसहर] सर्प । उ॰— (क) ए अप्पन गनिएँ नहीं, बैरी बिसहर घाव ।—पृ॰ रा॰, ७ । ६४ । (ख) बिसहर सी लट सों लपटि, मो मन हठि लपटात । कियो । आपनो पाइहै तू तिय कहा सकात ।—मुबारक (शब्द॰) ।