सामग्री पर जाएँ

बिसाना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बिसाना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ वश] वश चलना । बल चलना । काबू चलना । उ॰—(क) जो सिर परे आय सो सहै । कछु न बिसाय काह सों कहै—जायसी (शब्द॰) । (ख) जानि बूझि के परै आपसे भाड़ में । तासे काह बिसाय खुसी जो मार में ।—पलटू॰ बानी, पृ॰ १०० ।

बिसाना † ^२ क्रि॰ अ॰ [सं॰ विप हिं॰ बिस + ना (प्रत्य॰)] विष का प्रभाव करना । जहर का असर का असर करना । जहरीला होना । जैसे, कुत्ते, का काटा, बिसाता है ।

बिसाना † ^३ क्रि॰ अ॰ [सं॰ √विश ( वेशन = उपवेशन)] बैठना ठहरना । लदना । उ॰—करे हाकिमी गोरा जाय । खर्चा भारत सीस बिसाय ।—प्रेमघन॰, भा॰ १, पृ॰ १८६ ।