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बिसासी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिसासी पु वि॰ [सं॰ अविश्वासी] [स्त्री॰ बिसासिन] जिसपर विश्वास न किया जा सके । विश्वासघाती । दगाबाज । धोखे- बाज । छली । कपटी । उ॰—(क) कबहूँ वा बिसासी सुजान के आँगन मो अँसुवानि हूँ लै बरसो ।—घनानंद॰, पृ॰ १०८ । (ख) सेखर घैर करै सिगरे पुरवासी बिसासी भए दुखदात हैं ।—सेखर (शब्द॰) । (ग) जापै हों पठाई ता बिसासी पै गई न दीसै, संकर को चाही चंदकला तें लहाई री ।—दूलह (शब्द॰) । (घ) गोकुल के चख में चक चावगो, चोर लौं चौंके अयान बिसासी ।—गोकुल (शब्द॰) ।