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बिसाहनी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिसाहनी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बिसाहना] सौदा । जो वस्तु मोल ली जाय । उ॰—(क) जो कहुँ प्रीति बिसाहनी करतौ मन नहिं जाय । काहे को कर माँगती बिरह जगातो आय ।—रसनिधि (शब्द॰) । (ख) कोई करै बिसाहनी काहू के न बिकाय । कोऊ चालै लाभ सों कोऊ मूर गवाँय ।—जायसी (शब्द॰) ।