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बिसेखना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिसेखना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ विशेष]

१. विशेष प्रकार से वर्णन करना । विशेष रूप से कहना । ब्योरेवार वर्णन करना । विवृत करना । उ॰—नैन नाहिं पै सब कुछ देखा । कवन भाँति अस जाय बिसेखा ।—जायसी (शब्द॰) ।

२. निर्णय करना । निश्चित करना । उ॰—पंडित गुनि सामुद्रिक देखा । देखि रूप औ लगन बिसेखा ।—जायसी (शब्द॰) ।

३. विशेष रूप से होना या प्रतीत होना ।उ॰—(क) सुरिज किरन जनु गगन बिसेखी । जमुना माँझ सरस्वति देखी ।—जायसी (शब्द॰) ।