सामग्री पर जाएँ

बिस्तरना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बिस्तरना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ विस्तरणा] फैलना । इधर उधर बढ़ना ।

बिस्तरना ^२ क्रि॰ स॰

१. फैलाना । बढ़ाना । अधिक करना । उ॰—दुःख मूल गनि पाप, पाप कहँ कुमति प्रकासी । मोह कुमति बिस्तरै क्रोध मोहै उल्लासै ।—मतिराम (शब्द॰) ।

२. विस्तार से कहना । बढ़ाकर वर्णन करना । उ॰—गर्भ परीक्षित रक्षा करी । सोइ कथा सकल बिस्तरी ।—सूर (शब्द॰) ।