बिस्तरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बिस्तरना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ विस्तरणा] फैलना । इधर उधर बढ़ना ।
बिस्तरना ^२ क्रि॰ स॰
१. फैलाना । बढ़ाना । अधिक करना । उ॰—दुःख मूल गनि पाप, पाप कहँ कुमति प्रकासी । मोह कुमति बिस्तरै क्रोध मोहै उल्लासै ।—मतिराम (शब्द॰) ।
२. विस्तार से कहना । बढ़ाकर वर्णन करना । उ॰—गर्भ परीक्षित रक्षा करी । सोइ कथा सकल बिस्तरी ।—सूर (शब्द॰) ।