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बिस्थार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बिस्थार संज्ञा पुं॰ [सं॰ विस्तार] दे॰ 'विस्तार' । उ॰—(क) बहुत बिस्थार कहियतु है एको ।—प्राण॰, पृ॰ २३ । (ख) एक स ते कीना बिस्थारु । नामक एक अनेक बिचारु ।—प्राण॰, पृ॰ ६९ ।