सामग्री पर जाएँ

बींड़ी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बींड़ी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ वेणी]

१. वह मोटी और कपड़े आदि में लपेटी हुई रस्सी जो उस बैल के आगे के सामने छाती पर रहती है जो तीन बैलों की गाड़ी में सबसे आगे रहता है ।

२. रस्सी या सूत की वह पिंडी जो लकड़ी या किसी और चीज के ऊपर लपेटकर बनाई जाय ।

३. वह लकड़ी जिसपर सूत आदि को लपेटकर बींड़ी बनाई जाती है ।

४. वह गेंडुरी जिसे सिर पर रखकर घड़ा, टोकरा या और कोई बोझ उठाते हैं ।

५. केंसुला ।