बींधना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बींधना पु ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ विद्ध]
१. बीधना ।
२. फँसना । उलझना । उ॰—(क) अंतर्यामी यहो न जानत जो मों उरहि बिती । ज्यों कुजुवरि रस बोंधि हारि गथु सीचतु पटकि चिती ।—सूर (शब्द॰) । (ख) भूल्यो भौह भाल में चुभ्यो कै टेढ़ी चाल में, छक्यो कै छविजाल में कै बींध्यो बनमाल में ।—पद्माकर (शब्द॰) ।
बींधना ^२ क्रि॰ स॰ विदुध करना । छेदना । बेधना । जैसे, कान बींधना ।
बींधना ‡ ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वेधन] विदुध करने या छेदने का औजार । उ॰—लानि देबे तैं भइया बसुला वो बींधना, हेरि देबे ओकर तन के खोझा ।—शुक्ल अभि॰ ग्रं॰—पृ॰ १४२ ।