सामग्री पर जाएँ

बीकट

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बीकट पु † वि॰ [सं॰ वि+ कृष्ट, प्रा॰ विअट्ठ] दूरस्थित । दूर । उ॰—है हरि निकट बीकट नाँहि ।जो दीपक जोति धरे घट माँही ।—संत॰ दरिया, पृ॰ ६२ ।