सामग्री पर जाएँ

बीछना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

बीछना पु ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ विचय वा विचयन या सं॰ वीक्षण]

१. चुनना । पसंद करके अलग करना । उ॰—सानुज सानंद हिए छाँटना । आगे ह्वै जनक लिए रचना रुचिर सब सादर दिखइ कै । दिए दिव्य आसन सुवास सावकास अति आछे आछे बीछे बीछे बिछीना बिछाइ कै ।—तुलसी (शब्द॰) ।

बीछना पु ^२ क्रि॰ स॰ [सं बीक्षण] देखना । भली भाँति देखना । एक एक को अलग अलग देखना । उ॰—बाहिर भीतर भीतर बाहीर ज्यौं कोउ जानै त्यों ही करि ईछो । जैसो ही आपुनो भाव है सुंदर तैसो हि है दृग खोलि कै बोछो ।—सुंदर॰ ग्र॰, भा॰ २, पृ॰ ५७७ ।