बीधना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बीधना † ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ विद्ध] फँसना । उलझना । उ॰— (क) धरती बरसे बादल भीजे भीट भया पोराऊ । हंस उड़ाने ताल सुखाने चहले बीघा पाऊ ।—कबीर (शब्द॰) । (ख) नैना बाघे दोऊ मेरे । श्याम सुदंर के दरस परस में इत उत फिरत न फेरे ।—सूर (शब्द॰) । (ग) कोन भाँति रहिहै बिरद अब देखबी मुरारि । बीधे मोसों आय के गीधे गीधहि तारि ।—बिहारी (शब्द॰) ।
बीधना ^२ क्रि॰ स॰ दे॰ 'बींधना' ।