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बीसी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बीसी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बीस]

१. बीस चीजों का समूह । कोड़ी ।

२. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साठ संवत्सरों के तीन विभागों में से कोई विभाग । इनमें से पहली बीसी ब्रह्मबीसी, दूसरी विष्णुबीसी और तीसरी रुद्र वा शिवबीसी कहलाती है । उ॰—बीसी बिश्वनाथ को विषाद वड़ो बारानसी बूझिए न ऐसी गति शंकर सहर की ।—तुलसी (शब्द॰) ।

३. भूमि की एक प्रकार की नाप जो एक एकड़ से कम होती है । उतनी भूमि जिसमें बीस नालियाँ हों ।

बीसी ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ विशिख] तोलने का काँटा । तुला ।

बीसी ^३ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ हि॰ बिस्वा] प्रति बीघे दो बिस्वे की उपज जो जमींदार को दी जाती है ।