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बुटना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बुटना पु † क्रि॰ अ॰ [सं॰ √बुड् (=सवरण)] दौड़कर चला जाना या हट जाना । भागना । उ॰— (क) आशा करि आयो हुती पास रावरे मैं गाढहू के पास दुख दूरि बुटि बुटि गे ।— पद्माकर (शब्द॰) । (ख) राम सिया शिव सिंधु धरा अहि देवन के दुख पुंज बुटे ।— हनुमान (शब्द॰) ।