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बृतंत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बृतंत पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ बृतांन्त] दे॰ 'बृतांत' उ॰— जो वोहि लोक लखन की बनंन कहते वाक बृतंत ।—संत तुरसी॰, पृ॰ २११ ।