बृहन्नला
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बृहन्नला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] अर्जुन का उस समय का नाम जिस समय वे अज्ञातवास में स्त्री के वेश में रहकर राजा विराट की कन्या को नाच गाना सिखाते थे ।
बृहन्नला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] अर्जुन का उस समय का नाम जिस समय वे अज्ञातवास में स्त्री के वेश में रहकर राजा विराट की कन्या को नाच गाना सिखाते थे ।