बेँदी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बेँदी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विन्दु, हिं॰ बिंदी]
१. टिकली । बिंदी ।
२. शून्य । सुन्ना । उ॰—कहत सबै बदी दिए आंक दस गुनो होत । तिय लिलार बेंदी दिए अगनित बढ़त उदोत- बिहारी (शब्द॰) ।
३. दावनी या बंदी नाम का गहना जिसे स्त्रियां माथे पर पहनती हैं । उ॰— (क)बैंदी सँवारन मिस पाइ लागी । चतुर नायकहू पाग मसकी मन ही मन रीझे गुप्त भेद प्रीति तन जागी ।—सूर (शब्द॰) । (ख) बेदी भाल नैन नित आँजति निरखि रहति तनु गोरी ।—सुर (शब्द॰) ।
४. सरो के पेड़ का सा बैल बूटा ।