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बेपेंदो

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बेपेंदो वि॰ [हिं॰ बे + पेंदा] जिसमें पेदा न हो । जी पेंदा न होने के कारण इधर उधर लुढ़कता हो । मुहा॰—बेपेंदी का लोटा=वह सीधा सादा आदमी जो दूसरों के कहने पर ही अपना मत या कार्य आदि बदल देता हो । किसी के जरा से कहने पर अपना विचार बदलनेवाला आदमी ।