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बेहर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बेहर वि॰ [देश॰]

१. अचर । स्थावर । उ॰—रवि के उदय तारा भो छीना । चर बेहर दूनों में लीना ।—कबीर (शब्द॰) ।

२. अलग । भिन्न । पृथक् । जुदा । उ॰—खारि समुँद सब नाँघा आय समुद जहँ खीर । मिले समुद वे सातों बेहर बेहर नीर ।—जायसी (शब्द॰) ।

बेहर संज्ञा पुं॰ वापी । बावली ।