बैठकी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बैठकी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बैठक + ई(प्रत्य॰)]
१. बार बार बैठने और उठने की कसरत । बैठक
२. आसन । आधार । उ॰—कनक भूमि पर कर पग छाया, यह उपमा एक राजत । कर कर प्रति पद प्रति मणि बसुधा कमल बैठको साजत ।—सूर (शब्द॰) ।
३. दे॰ 'बैठक—२, ४, ८' ।
बैठकी † ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बैठना] वह कर जो जमींदार की ओर से बाजार में बैठनेवाले वनियों और दूकानदारों आदि पर लगाया जाता है, बरतराई ।