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बैठारना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बैठारना † क्रि॰ स॰ [हिं॰ बैठाना] दे॰ 'बैठाना' । उ॰—(क) सादर चरन सरोज पखारे । अति पुनीत आसन बैठारे ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) रत्न खचित सिंहासन धारयो । तेहि पर कृष्णहिं लै बैठारयो ।—सूर (शब्द॰) ।