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बैण्ड़ना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बैंड़ना क्रि॰ स॰ [हिं॰ बाड़ा, बेढा़] दद करना । बेढ़ना । पशुओं को रोककर रखना । उ॰—तू अलि कहा परयो है पैडे । ब्रज तू स्याम अजा भयो हमकौ यहऊ बचत न बैंड़े ।—सूर॰, १० ।३६१५ ।