बैयाँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बैयाँ ^१ क्रि॰ वि॰ [हिं बकैयाँ] घुटनों के बल । बाहु की कुहनियों के बल । बकैयाँ । उ॰—बैयाँ बैयाँ डोलत कन्हेयाँ की बलैयाँ जाउँ मैया मैया बोलत जुन्हैया को लखावै री ।—दीन॰ ग्रं॰, पृ॰ ७ ।
बैयाँ ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ बाहु] बाह : भुजा । कलाई । उ॰—(क) बिनती करत गहे धन बैयाँ । बृंदावन तेरे बिनु सूनौ बसत तुम्हारी छैयाँ ।—छीत॰, पृ॰ ८४ । (ख) जसुदा गहति धाइ बैयाँ, मोहन करत न्हेयाँ न्हेयाँ नंददास बलि जाइ रे ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३९९ ।