बोह
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बोह † संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰ बोय] सुगंध । उ॰—बग्गी राग खँभायची, लग्गी केसर बोह ।—रा॰ रू॰, पृ॰ ३४७ ।
बोह ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बोर या सं॰ बाह] ड़ुबकी । गीता । मुहा॰—बोह लेना = ड़ुबकी लेना । गोता लगाना । उ॰—रूप जलधि बपुष लेत मन गयंद बौहैं ।—तुलसी (शब्द॰) ।
बोह ^३ क्रि॰ अ॰ [देश॰] जमना । उगना । उ॰—जहाँ जल बिन कवला बोह अनंत । जहाँ वपु बिन भोरा गोह करंत ।— दरिया॰ बानी, पृ॰ ४५ ।