बौराना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बौराना † ^१ क्रि॰ अं॰ [हिं॰ बौरा + ना (प्रत्य॰)]
१. पागल हो जाना । सनक जाना । विक्षिप्त हो जाना । उ॰— कनक कनक तें सौगुनौ मादकता अधिकाइ । उहिं खाए बौराइ नर इहिं पाए बौराइ ।—बिहारी र॰, दो॰, १९२ ।
२. उन्मत्त हो जाना । विवेक या बुद्धि से रहित हो जाना । उ॰— भरतहि दोष देइ को जाए । जग बौराइ राजपद पाए ।—तुलसी (शब्द॰) ।
बौराना ^२ क्रि॰ सं॰ बेवकुफ बनाना । किसी को ऐसा कर देना कि वह भला बुरा न विचार सके । मति फेरना । उ॰—(क) मधत सिंधु रुद्रहिं बौरायो । सुरन प्रेरि विषपान करायो ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) भल भूलिह ठग के बौराए ।— तुलसी (शब्द॰) ।