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ब्य़ोहर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्य़ोहर संज्ञा पुं॰ [सं॰ ब्यवहार] लेन देन का व्यापार । रूपया ऋण देना । उ॰—ऋण में निपुण व्याज लेने में निपुण, भए ब्योहार निपुण, स्वर्ग कौड़ो की कमाई है ।— रघुराज (शब्द॰) । मुहा॰— ब्योहर चलाना =सूद पर रुपया देना । महाजनी करना ।