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ब्याघर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्याघर पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ व्याघ्र] दे॰ 'व्याघ्र' । उ॰— (क) ब्यापार सिँघ सरप बहु काटी, बिन सत गुर पावे नहिं बार्टी कबीर॰ श॰, भा॰, १ पृ॰ ५८ । (ख) ब्याघर के घर पढ़े पुरानो दादुल भै गौ बक्ता । —संत॰ दरिया, पृ॰ १२७ ।