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ब्यारी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्यारी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ विहार ? या वि (विशिष्ट) + आहार]

१. रात का भोजन । व्यालू । उ॰—एक दिन हरि व्यारी करवाई । पूजक बीरी दियो न जाई ।— रघुनाथ (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰— करना । उ॰— रात दिन दस बजाकर ब्यारी करते । प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ ८१ ।

२. वह भोजन जो रात के लिये हो । जैसे, —मेरे लिये ब्यारी यहीं लाऔ ।