ब्याली
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ब्याली ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ व्याली] सर्पिणी । साँपिन । नागिन । उ॰— दृग पुतरी इव सब दिन पाली । निरखत रहित यबा मणी व्याली ।— रघु॰ दा॰ (शब्द॰) ।
ब्याली ^२ वि॰ [सं॰ ब्यालिन्] सर्पी को धारण करनेवाला । शिव । उ॰— निरगुण निलज कुवेष कपाली । अकुल अगेह दिगंबर व्य़ाली ।—तुलसी (शब्द॰) ।
ब्याली ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ ब्यारी] रात का भोजन । ब्यालू । उ॰— मूदगादाली, घृत की ब्याली । रस के कंदर सुंदर साली ।— —नैद॰, ग्रं॰, पृ॰ ३०६ ।