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ब्रन्नना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्रन्नना पु † क्रि॰ सं॰ [सं॰ बर्णन: प्रा॰ ब्रन्नन] वर्णन करना । बरनना । उ॰— (क) कान धरौ रसना सरस ब्रन्नि दिखाऊँ तोहि ।— पृ॰ रा॰, १ । ७८३ । (ख) तिन कहों नाम परिमान ब्रन्न । जिन सुनत सुदध भव होत तन्न ।—पृ॰ रा॰, १ ।३१ ।