सामग्री पर जाएँ

ब्रह्मकूर्च

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

ब्रह्मकूर्च संज्ञा पुं॰ [सं॰] रजस्वला के स्पर्श या इसी प्रकार की और अशुद्धि दूर करने के लिये एक व्रत जिसमें एक दिन निराहार रहकर दुसरे दिन पंचगव्य पिया जाता है ।