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ब्रह्मज्ञान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्रह्मज्ञान संज्ञा पुं॰ [सं॰] ब्रह्म का बोध । पारमार्थिक सत्ता का बोध । द्दश्य जगत् के मिथ्यात्व का निश्चय और एकमात्र शुद्ध निर्गुण चैतन्य की जानकरी । अद्वैत सिद्धांत का बोध । उ॰—ब्रह्मज्ञान बिनु नारि नर कहहिं न दुसरि बात ।— मानस, ७ ।९९ ।