ब्रह्मद्वार
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ब्रह्मद्वार संज्ञा पुं॰ [सं॰] खोपड़ी के बीच माना हुआ वह छेद जिससे योगियों के प्राण निकलते हैं । ब्रह्मारंध्र । ब्रह्माछिद्र । उ॰—(क) षटदल अष्ट दादस दल निर्मल अजपा जाप जपाली । त्रिकुटी संगम ब्रह्माद्वार भिदि यों मिलिहैं बनमाली ।—सूर (शब्द॰) । (ख) ब्रह्मद्वार फिरि फोरिकै निकसे गोकुल राय ।—सूर (शब्द॰) ।