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ब्रह्मशिर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्रह्मशिर संज्ञा पुं॰ [सं॰ ब्रह्मशिरस्] एक अस्त्र जिसका उल्लेख रामायण और महाभारत दोनों में है । इस अस्त्र का चलाना अगस्त्य से सीखकर द्रोणाचार्य ने अर्जुन और अश्वत्थामा को सिखालाया था ।