सामग्री पर जाएँ

ब्रीड़ना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

ब्रीड़ना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ व्रीडन] लज्जित होना । लजाना । उ॰—कुडल झलक कपोलनि मानहुँ मीन सुधारस कीड़त । भ्रकुटी धनुष नैन खजन मनु उड़त नहीं मन ब्रीड़त ।—सूर॰, १० ।१७९१ ।