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ब्रीद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ब्रीद पु † संज्ञा पु॰ [सं॰ विरुद, हि॰ बिरद] दे॰ 'ब्रिरद' । उ॰— ब्रीद मेरे साइयाँ को 'तुका' चलावे पाग । सूरा सो हमसे लरे छोरे तन की आस ।—दक्खिनी॰, पृ॰ १०९ ।