भजाना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भजाना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ √भञ्ज + हिं॰ अन॰, हिं॰ भजना (= दौड़ना)] दौड़ना । भागना । उ॰—भाग को भजाने अलि, छूटे लट केश के ।—भूषण (शब्द॰) ।
भजाना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ √भज्ज + हिं॰ अन, हिं॰ भजना का सक॰ रूप] भगाना । दूर कर देना । उ॰—(क) पिय जियहिं रिझावै दुखनि भजावै, बिबिध बजावै गुण गीता ।—केशव (शब्द॰) । (ख) सर बरसत रव करै जलद मद दूरि भजावै ।—गोपाल (शब्द॰) ।