सामग्री पर जाएँ

भटक्कना

विक्षनरी से

भटक्कना

  1. लक्ष्य या मार्ग का पता न होने के कारण इधर-उधर भटकते रहना।
  2. मानसिक रूप से अस्थिर या भ्रमित होकर इधर-उधर विचरण करना।
  3. उद्देश्यहीन रूप से यहाँ-वहाँ घूमते रहना।

(Delhi) आईपीए(कुंजी): /bʱə.ʈək.kə.nɑː/, [bʱə.ʈək̚.kə.n̪äː]

उदाहरण वाक्य

[सम्पादित करें]
  • वह नौकरी की तलाश में शहरों में भटक्कता रहा।
  • बिना दिशा के जीवन भटक्कते रहने जैसा है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

भटक्कना क्रि॰ अ॰ [देश॰] भड़क उठना । भड़कना । उ॰—नव- हत्थो मत्थो बड़ो रीस भटक्कै रार ।—बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ११ ।