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भठ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भठ ^१ वि॰ [सं॰ भ्रष्ट] दे॰ 'भ्रष्ट' । उ॰—साधु मतो क्यों मानै दुरमति जाको सबै सयान परयो भठ ।—घनानंद पृ॰ ४७१ ।

भठ ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ भ्राष्ट] गहरा गड्ढा या अंधा कुआँ, जो थोड़ा या पूरा पट गया हो । भाठ । उ॰—जा करि हम द्विज ह्वै मद भरे । गुरु कहाइ सठ भठ मैं परै ।—नंद॰ ग्रं॰ पृ॰ ३०४ ।