भड़ी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भड़ी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बढ़ाना या भड़काना] वह उत्तेजना जो किसी को मूर्ख बनाने या उत्तेजित करने के लिये दी जाय । झूठा बढ़ावा । धोखा । उ॰—बस चलिए हटिए यह भड़ी किसी ऐसे वैसे को दीजिए । यहाँ बड़े बड़ों की आखे देखी हैं ।—फिसाना॰, भा॰ १, पृ॰ ५ । क्रि॰ प्र॰—देना ।—में आना । जैसे—सबके सब मेरी भड़ी में आ गए ।