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भद्रपीठ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भद्रपीठ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. आसन जिसपर बैठी जाय ।

२. वह सिंहासन आदि जिसपर राजाओं या देवताओं का अभिपेक होता है ।