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भरथरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भरथरी सतक संज्ञा पुं॰ [सं॰ भर्तृहरि शतक] एक ग्रंथ । दे॰ 'भर्नृहरि शतक' । उ॰— करी भरथरी सतक पर, भाषा भली प्रताप, नीति महल रस गोख मैं, बीतराग प्रभु आप ।— ब्रज॰ ग्रं॰, पृ॰ १२८ ।