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भरन्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भरंत पु † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ भ्रान्ति] भ्रम । संदेह । शक । उ॰— लीला राजा राम की खेलहिं सबहिं सत । आपा पर एकइ भए छूटी सबइ भरत ।—दादू (शब्द॰) ।

भरंत ‡ ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ भरना] दे॰ 'भराई' ।