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भरमाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भरमाना ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ भरमना का सक॰ रूप]

१. भ्रम में डालना । चक्कर में डालना । बहकाना । उ॰— कोऊ निरखि रही चारु लोचन निमिष भरपाई । सूर प्रभु की निरखि सोभा कहत नहिं आई ।—सूर (शब्द॰) ।

२. भटकाना । व्यर्थ इधर उधर घुमाना । उ॰— माधो जू मोहि काहे की लाज । जन्म जन्म यों हीं भरमान्यो अभिमानी वेकाज ।— सूर (शब्द॰) ।

भरमाना ^२ क्रि॰ अ॰

१. चकित होना । हैरान होना । अचंभे में आना । उ॰— सूर श्याम छबि निरखि कै युवती भरमाहीं ।— सूर (शब्द॰) ।

२. भटकना ।