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भरय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भरय †पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ भरत]

१. दे॰ 'भरत' ।

२. भारत । अर्जुन । उ॰— करि पेडौ की पैज भरथ कौ दिया जिताई ।—पलटू॰ बानी, पृ॰ ११२ ।