भवचक्र
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भवचक्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] बौद्धों के अनुसार वह कल्पित चक्र जिससे यह जाना जाता है कि कौन कौन कर्म करने से जीवात्मा को किन किन योनियों में भ्रमण करना पड़ता है । (भिन्न भिन्न बौद्ध संप्रदायों के अनुसार ये भवचक्र भी कुछ भिन्न भिन्न हैं) ।