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भवभीर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भवभीर पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ भव + हिं॰ भीर] आवागमन का दुःख । संसार का संकट । उ॰— मो सम दीन न दीनहित तुम समान रघुबीर । अस बिचारि रघुवंसमनि, हरहु विषम भवभीर ।— मानस, ७ । १३० ।