भसकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भसकना † क्रि॰ स॰ [सं॰ भक्षण - भवषण] दे॰ 'भषना' । उ॰— चली है कुलबोरनी गंगा नहाय । सेतुआ कराइन बहुरी भुँजाइन, घूँघट ओटे भसकत जाय ।— कबीर॰ श॰, भा॰ २, पृ॰ ५५ ।
भसकना † क्रि॰ स॰ [सं॰ भक्षण - भवषण] दे॰ 'भषना' । उ॰— चली है कुलबोरनी गंगा नहाय । सेतुआ कराइन बहुरी भुँजाइन, घूँघट ओटे भसकत जाय ।— कबीर॰ श॰, भा॰ २, पृ॰ ५५ ।