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भाखना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भाखना पु † ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ √भाप्] दे॰ 'भाषण' ।

भाखना पु † ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ भाषण] कहना । बोलना । उ॰— (क) कह मुनि राम सत्य तुम्ह भाखा । भरत सनेह विचारु न राखा ।— मानस, २ । २५७ । (ख) जेहन तोहर मन तन्हिको तइसन कत पति अउबि हे भाखी ।— विद्यापति, पृ॰ ५४० ।